गड्ढों में दम तोड़ता विकास, सड़क की बदहाली पर मौन प्रशासन, कटघोरा से पेंड्रा सडक जर्जर हादसों को खुला न्योता

मिथलेश आयम की रिपोर्ट, कोरबा : कटघोरा से पेंड्रा पहुंच मार्ग आज लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की घोर लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। यह सड़क नहीं, बल्कि गड्ढों का कब्रिस्तान बन गई है, जहां हर सफर जान जोखिम में डालकर तय करना पड़ता है। कभी विकास की रफ्तार का रास्ता कही जाने वाली यह सड़क अब बदहाली की पहचान बन चुकी है। हालात इतने भयावह हैं कि वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी चुनौती बन गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पूरी तरह से बेखबर नहीं, बल्कि जानबूझकर आंख मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों की शिकायतें और मौखिक गुहारें सब बेअसर साबित हो रही हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो विभागीय अफसरों के लिए जनता की तकलीफ कोई मायने ही नहीं रखती। बदहाली तो इतनी है की सूखे मौसम में उड़ती धूल लोगों की सांसें रोक रही है। रोजाना छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही सबसे शर्मनाक स्थिति यह है कि कोरबा जिला कलेक्टर भी इस गंभीर जनसमस्या पर अब तक चुप्पी साधे हुए हैं।
जनता पूछ रही है कि क्या किसी बड़े हादसे या मौत के बाद ही प्रशासन जागेगा? क्या सड़क की बदहाली किसी जनहानि का इंतजार कर रही है? प्रशासनिक उदासीनता अब गुस्से में बदल चुकी है और लोगों का सब्र जवाब देने लगा है। कटघोरा-पेंड्रा मार्ग की यह हालत पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है। एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाती, स्कूल बसें बच्चों की जान जोखिम में डालकर चलती हैं और व्यापार ठप होता जा रहा है। विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाला प्रशासन जमीनी हकीकत से पूरी तरह कट चुका है। अब क्षेत्र की जनता साफ शब्दों में चेतावनी दे रही है यदि जल्द सड़क का मरम्मत शुरू नहीं हुई तो आंदोलन होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की होगी।





